प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी गांव से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने कहा कि किसान ‘विकसित भारत’ के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं और सरकार ने हमेशा उनके कल्याण एवं सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
कृषि बजट में पांच गुना वृद्धि और किसानों को मिली वित्तीय सहायता
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक हो गया है। पीएम-किसान सम्मान निधि छोटे किसानों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इस 24वीं किस्त के तहत गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों के खातों में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहुंची है। पिछले वर्षों में सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक का लाभ या बचत हुई है। इसमें पीएम-किसान, उर्वरक सब्सिडी, एमएसपी, फसल बीमा योजना और पीएम-कुसुम योजना की अहम भूमिका रही है।
खाद सब्सिडी और किसानों को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद सरकार ने किसानों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। सरकार ने किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए करीब 16 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया में जहां यूरिया की एक बोरी की कीमत करीब 3,000 रुपए है, वहीं भारत में किसानों को यह 300 रुपए से कम में मिल रही है। इसी प्रकार, डीएपी की अंतरराष्ट्रीय कीमत 5,000 रुपए से अधिक होने के बावजूद भारतीय किसानों को यह लगभग 1,350 रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है।
कृषि में तकनीक, पशुपालन और डेयरी विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कृषि और पशुपालन में विज्ञान तथा तकनीक का दायरा व्यापक रूप से बढ़ा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉयल हेल्थ कार्ड) के माध्यम से 26 करोड़ से अधिक किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही, बनासकांठा में स्थापित नया रिसर्च सेंटर राष्ट्रीय गोकुल मिशन को और मजबूत करेगा, जहां गिर, साहीवाल और कांकरेज जैसी देशी नस्लों के संरक्षण और गुणवत्ता सुधार पर काम होगा। पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाने के लिए अब तक लगभग 150 करोड़ मुफ्त टीके लगाए जा चुके हैं। डेयरी और पशुपालन के दम पर भारत आज दूध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मत्स्य पालन और सहकारिता
सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध के साथ-साथ गोबर के उपयोग (बायो-सीएनजी और जैविक खाद) को भी बढ़ावा दे रही है। कार्यक्रम के दौरान दो बायो-सीएनजी प्लांट का शिलान्यास भी किया गया। इसके अलावा मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
कनेक्टिविटी और सामाजिक विकास की अन्य सौगातें
इस अवसर पर गुजरात को कई नई रेल और मेट्रो सेवाओं की सौगात दी गई। अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचारजी-साबरमती मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई, साथ ही अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और गिफ्ट सिटी-एयरपोर्ट मेट्रो परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। महिला एवं बाल विकास के तहत 4,000 से अधिक आधुनिक आंगनबाड़ियों का शुभारंभ भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।